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कम समय के लिए करना चाहते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश, मौजूद है कई सारे ऑप्शन


वैसे तो म्यूचुअल फंड लॉन्ग टर्म निवेश में तगड़ी संपत्ति बनाने के लिए जाना जाता है परन्तु शॉर्ट-टर्म निवेश के नजरिये से भी यह बेहतर है. म्यूचुअल फंड आपको Flexibility प्रदान करता है जोकि लॉन्ग टर्म और शॉट-टर्म दोनों तरह के निवेश में बढ़िया रिटर्न प्रदान करता है.

शॉर्ट टर्म लक्ष्य को पहचानें

निवेश से पहले अपने शॉर्ट-टर्म लक्ष्य को क्लियर करें, जैसे छुट्टियों के लिए फंड, गाड़ी खरीदने के लिए या अन्य किसी शॉर्ट-टर्म वित्तीय जरुरतों के लिए

अगर आप एक साल के लिए निवेश लक्ष्य रखते हैं तो ऐसे फंड्स को चुनना होगा जोकि कम समय में अच्छी मैच्योरिटी प्रदान कर सके.

रिस्क प्रोफ़ाइल चुने

लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड से जुड़ें जोखिमों को कम किया जा सकता है परन्तु शॉट-टर्म में यह और अधिक रिस्की हो जायेगा, इसे मैनेज करने के लिए आप इक्विटी म्यूचुअल फंड के बजाय डेट फंड या लिक्विड फंड को चुन सकते हैं

डेट फंड क्यों?

ये फंड कम समय के निवेश के लिए आदर्श हैं, डेट फंड मुख्य रुप से सरकारी बांड और कॉर्पोरेट लोन जैसे स्थिर रिटर्न वाले चीजों में निवेश करते हैं जिससे कम समय के लिए भी बढ़िया रिटर्न परफॉर्म करते हैं.

लिक्विड फंड क्यों?

इन फंड्स को बहुत कम समय के निवेश विकल्प के लिए तैयार किये गए हैं, लिक्विड फंड पूंजी की आसान तरलता और सुरक्षा प्रदान करते हैं.

डायवर्सिफिकेशन है जरुरी

निवेश जोखिम को कम करके के लिए आप अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करें, इससे आपके ख़राब परफॉर्म करने वाले फंड्स बेस्ट परफोर्मिंग फंड्स से मैनेज हो जायेंगें.

पोर्टफोलियो की नियमित निगरानी जरुरी

आपको अपने पोर्टफोलियों की रोजाना जांच करनी होगी व समय पड़ने पर आवश्यक बदलाव भी करने होंगें, जरुरत पड़ने पर वांछित परिसंपत्ति आवंटन बनाए रखने के लिए अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करें.

टैक्स संबंधित जानकारी

शॉट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स 3 साल से कम समय के निवेश में लागु होता है. अधिक रिटर्न के लिए आप कर कुशल वाले फंड्स का चुनाव कर सकते हैं.

SWP करें

Systematic withdrawal plan वह तरीका है जिससे आप अपने निवेश को मासिक रुप से बाहर निकाल सकते हैं इस तरीके में आपने निवेश एक बड़ा हिस्सा निवेशित रहेगा और आप थोड़ा-थोड़ा हर महीने निकासी पा सकते हैं.

बाजार की हर जानकारी से अवगत रहें

देश विदेश की आर्थिक ख़बरों, ब्याज दर, मुद्रा स्फीति, भू राजनैतिक घटना आदि से अवगत रहें यह म्यूचुअल फंड रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं. जैसा की हमने बताया लॉन्ग टर्म निवेश में अधिक छानबीन की आवश्यकता नहीं है. परन्तु शॉट टर्म निवेश में जोखिम बढ़ जाता है इसलिए ऐसे फंड में निवेश आवश्यक है जो बिना जोखिम के बेहतर रिटर्न दे सके.

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Disclaimer : यह आर्टिकल रिसर्च और जानकारियों के आधार पर बनाया गया है, हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की फाइनेंसियल एडवाइज नहीं दी जाती अगर आप निवेश करना चाहते हैं तब सबसे पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें


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