User-agent: * Disallow: /wp-admin/ Allow: /wp-admin/admin-ajax.php Sitemap: https://satta-play.in/sitemap_index.xml FD vs Debt Fund : डेट म्यूचुअल फंड क्या है? फिक्स डिपॉजिट के बजाय डेट फंड में निवेश क्यों करें - SATTA PLAY

FD vs Debt Fund : डेट म्यूचुअल फंड क्या है? फिक्स डिपॉजिट के बजाय डेट फंड में निवेश क्यों करें


अगर आप बैंक एफडी और डेट म्यूचुअल फंड को लेकर confused है कि कौन सा निवेश तरीका आपके लिए सहीं होगा तो हम आपको इन दोनों के बीच का अंतर और मिलने वाले रिटर्न के बारे में बताने वाले हैं. इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप अपने लिए FD vs Debt Fund में से सहीं निवेश चुन सकते हैं.

पिछले कुछ सालों से Reserve Bank of India के अपने ब्याज दरों में काफी इजाफा किया है नतीजतन Bank FD पर मिलने वाले रिटर्न भी मजबूत हुए हैं. वहीँ अगर आप FD से थोड़ा अधिक रिटर्न चाहते हैं तो डेट फंड अच्छा और सुरक्षित निवेश विकल्प है.

अगर आप डेट फंड में निवेश करते हैं जोकि म्यूचुअल फंड की ही कैटेगरी है तो यह निवेश बॉन्ड, सरकारी सिक्यॉरिटीज, ट्रेजरी बिल आदि जगहों पर निवेश करता है जोकि इक्विटी के मुकाबले थोड़े कम रिटर्न उत्पन्न करते हैं परन्तु इससे अधिक सुरक्षित हैं.

FD vs Debt Fund

जहाँ बैंक एफडी 7 से 8 फीसदी का सालाना ब्याज ऑफर करता है डेट म्यूचुअल फंड से आप 9 से 10 फीसदी का सालाना रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं.

डेट म्यूचुअल फंड में लॉक इन पीरियड बैंक एफडी की तुलना में कम समय के लिए होता है, इस प्रकार आप कम समय के निवेश में भी डेट फंड से अधिक रिटर्न पा सकते हैं.

बैंक एफडी में 5 साल के अधिक निवेश पर टैक्स बेनिफट मिलता है जबकि डेट फंड से टैक्स बेनिफ्ट को हटा दिया गया है इसलिए अगर आप डेट फंड में निवेश करते हैं तो टैक्स बेनिफिट का फायदा नहीं ले पायेंगें.

डेट फंड पर होने वाले गेन्स में टैक्स, इनकम टैक्स स्लेब के अनुसार लगता है और नियम बैंक फिक्स डिपॉजिट पर भी लागु है.

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Disclaimer : यह आर्टिकल रिसर्च और जानकारियों के आधार पर बनाया गया है, हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की फाइनेंसियल एडवाइज नहीं दी जाती अगर आप निवेश करना चाहते हैं तब सबसे पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें

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